Logo
होम पेज पर जाएं  
 
विज्ञापन





 
(सम-सामयिक)स्तंभ >> मैत्रेयी पुष्पा
 
 
मैत्रेयी पुष्पा के विचार स्वीकार्य ...
जगदीश्वर चतुर्वेदी

मैत्रेयी पुष्‍पा बड़ी लेखि‍का हैं। उनका लि‍खा वजनदार होता है। लेकि‍न जि‍स तरह से उन्‍होंने 'देशकाल' पर एक लेख में प्रति‍क्रि‍या दी है। वह स्‍वीकार्य नहीं है। उन्‍होंने जो बातें ...

हमारी पढ़ी-लिखी आधुनिक सतियाँ
चर्चा हमारा-मैत्रेयी पुष्पा

भारत सतियों का देश रहा है। यह बात मौके-बेमौके प्रमाणित होते रहती है। पौराणिक काल से ऐतिहासिक काल तक सतियों, देवियों और पद्मनियों की मिसालें मिलती हैं जो पतिव्रत धर्म निभाते हुई ...

क्या य़ुवतियों ने विवेक को धुंध के ह...
चर्चा हमारा/मैत्रेयी पुष्पा

"आई एम प्रेग्नेंट।" शिखा की आवाज़ घुटन भरी है। "क्या"? विभा को यकीन नहीं हुआ, तुरंत पूछ बैठी, "इमर्जेंसी गोली ली? या नहीं"....

मत पूछ, सारी ले डाली। लगता है अब कुछ नहीं ...

 
©Deshkaal.com. All Right Reserved. Powered By: Web