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क्या आईपीएल को हिंदुस्तान से बाहर करवाना ज़रूरी था?
ये पहले ही लग रहा था कि धंधेबाज़ों की चली तो आईपीएल होकर रहेगा और वह हो भी रहा है,मगर मुल्क से बाहर क्योंकि सुरक्षा कारणों से बोर्ड को सरकार की मंज़ूरी नहीं मिली। क्या आपको नहीं लगता कि देश के लिए आम चुनाव ज़्यादा ज़रूरी हैं और तमाशा क्रिकेट को ठीक उसी समय करवाने की ज़िद करना ग़लत था। क्या ऐसा जोखिम लेना ठीक होता जिससे कोई अनहोनी के घटने की आशंका बलवती होती और उसका चुनाव नतीजों पर प्रभाव पड़ता जो कि लोकतांत्रिक लिहाज़ से और भी ग़लत होता। क्या आपको ये भी नहीं लगता कि आईपीएल के कारोबारियों ने टूर्नामेंट को मुल्क के बाहर ले जाकर देश की साख पर बट्टा लगाने का काम किया है।
आपकी राय बहुत महत्व रखती है,हमारे लिए,आपके लिए और पूरे मुल्क के लिए,क्योंकि ऐसे मौकों पर चुप्पी तोड़ना ज़रूरी होता है।
देशकाल आपको आमंत्रित करता है इस विषय पर बहस में हिस्सा लेने के लिए। अपने विचार हमें लिखकर भेजें हम उन्हें प्रकाशित करेंगे। हो सके तो अपना एक फोटो भी मेल करें। हम कोशिश करेंगे कि आपकी टिप्पणी सचित्र प्रकाशित हो।
धन्यवाद्..।
-संपादक
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उदित शर्मा दिल्ली, दिल्ली(भारत) से
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आईपीएल को देश के बाहर ले जाना सरासर ग़लत है। ये देश के साथ,राष्ट्रीय हितों के साथ गद्दारी है। बोर्ड के अधिकारियों की ज़ुर्रत देखिए कि वे सरकार को नहीं मानते और अपनी समानांतर सत्ता चलाने पर आमादा है। आपका कहना बिल्कुल ठीक है कि क्रिकेट पर धंधेबाज़ों का कब्ज़ा हो गया है और अब वे इसे अपने हिसाब से चलाना चाहते हैं।
वैसे भी ये कोई समझदारी वाला फैसला नहीं है क्योंकि बाहर होने से न वो मज़ा रहेगा,न जोशो जुनून।
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शशि सिंघल रोहिणी, दिल्ली(भारत) से
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आईपीएल को देश से बाहर ले जाना क्रिकेट्प्रेमियों के लिए ही नहीं समूचे देशवासियों के लिए एक शर्मनाक घटना है । बोर्ड के अधिकारियों की इस मनमानी ने सभी देशवासियों को गहरा आघात पहुंचाया है । आईपीएल को लेकर क्रिकेटप्रेमियों में जो जोश और जुनून था वह ठंडा पड़ गया है । इस गलत फैसले के लिए बोर्ड अधिकारियों के विरुद्ध कडे कदम उठाए जाने चाहिए ।
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शशिकाँत शर्मा आगरा, उत्तरप्रदेश(भारत) से
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विदेश में आईपीएल का आयोजन निश्चय ही दुर्भाग्यपूर्ण है और ये बोर्ड के अधिकारियों का अहंकार का प्रदर्शन भी है। मगर परेशान मत होइए। अभी उनको समझ में आ जाएगा कि टूर्नामेंट बाहर करवाने के फ़ायदे और नुकसान क्या हैं। सारा गुरूर चूर-चूर हो जाएगा।
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