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सरकार क्या करे....? >> इस मुद्दे पर बाकि सभी की राय
 
 
सरकार क्या करे....?
बलूचिस्तान के मसले पर सरकार ने अपनी अच्छी भद पिटवा ली है और अब वह किसी तरह से अपना पल्ला झाड़ने में लगी हुई है। ज़ाहिर है कि उसके पास बलूचिस्तान को लेकर कोई स्पष्ट नीति नहीं है और जिस ओर से ज़्यादा दबाव पड़ता है वह उसी तरफ झुक जाती है। मगर वरिष्ठ पत्रकार राजेश बादल ने अपने स्तंभ समय-सरगम में जो सुझाव दिया है वह ग़ौरतलब है। उनका कहना है कि चाहे जिस भी वजह से बलूचिस्तान उसके गले पड़ गया हो, मगर देश के लिए एक अवसर भी है। यानी भारत चाहे तो बलूचियों की स्वतंत्रता की माँग को नैतिक समर्थन देकर वह दोहरा फायदा उठा सकता है और उसे उठाना भी चाहिए। उनके मुताबिक इससे बलूचियों की जायज़ माँग को समर्थन मिलेगा और पाकिस्तान पर दबाव भी बढ़ेगा कि वह भारत के अंदर दखलंदाज़ी न करे। बादल के इस सुझाव के अपने ख़तरे भी हैं। पाकिस्तान भी जवाब में खालिस्तान और पूर्वोत्तर में चल रहे कई अलगाववादी आंदोलनों को नैतिक समर्थन दे सकता है। बहरहाल, आप बताएं कि भारत को, भारत सरकार को बलूचिस्तान मसले पर क्या करना चाहिए। उसे बलूचियों की स्वतंत्रता की माँग को नैतिक समर्थन देने की घोषणा करनी चाहिए या नहीं। अपने विचार हमें लिखकर भेजें हम उन्हें प्रकाशित करेंगे। बहस में हिस्सा लेने के लिए कृपया मेनू बार में जाकर बीच बहस में पर क्लिक करें। क्लिक करने पर जो पेज खुलेगा उसमें नीचे लिखा होगा-अपनी राय दें। आपको यहीं क्लिक करना है और जो बाक्स प्रकट होगा उसमें अपनी टिप्पणी दर्ज़ करनी है। तो फिर देर किस बात की,फौरन की बोर्ड पर उँगलियाँ चलानी शुरू कर दीजिए। धन्यवाद्..। -संपादक
 
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